Photo Collage (Instagram Story) by Shailendra Singh
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Kaam karne ka man na kare to kya kare
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काम करने का मन न करे तो क्या करें ? जानिए सबसे सरल उपाय जो आपकी जिंदगी बदल देगा। क्या आपका काम करने में बिल्कुल मन नहीं लगता ? अर्थशास्त्र का तुष्टिगुण सिद्धांत बताता है इसका असली कारण। आइए इसको डिटेल में समझते हैं। काम में आलस क्यों आता है ( Ai चित्र ) काम में रुचि क्यों खत्म हो जाती है? सीमांत तुष्टिगुण हास नियम क्या कहता है ? अर्थशास्त्र में तुष्टि गुण का एक नियम है जिसे उपयोगिता का नियम भी कहते हैं। तुष्टि गुण का अर्थ किसी भी वस्तु या सेवा से मिलने वाली संतुष्टि से है। इसी तुष्टि गुण से जुड़ा एक और नियम है जिसे सीमान्त तुष्टि गुण हास नियम कहते हैं। जिसका अर्थ है किसी भी वस्तु या सेवा के लगातार उपभोग करने से उस वस्तु या सेवा से मिलने वाली संतुष्टि घटती जाती है। और फिर एक समय ऐसा आता है जहां पर वह वस्तु या सेवा आपको नाकारात्मक संतुष्टि देती है या कहें असंतुष्ट करने लगती है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लो आपको भूख लगी है और आप रोटी खाने बैठ जाते हो तो आपको पहली रोटी के बाद मिलने वाली सभी रोटियों से संतुष्टि घटते हुए क्रम में मिलगी। ...
जीवन बर्बाद करने वाली 7 सबसे खतरनाक आदतें
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जीवन बर्बाद करने वाली 7 सबसे खतरनाक आदतें, जो इंसान को धीरे धीरे बर्बाद कर देती हैं। आज कई लोग कड़ी मेहनत करने के बाद भी दुखी हैं। उनके दुख का कारण किस्मत नहीं बल्कि उनकी गलत आदतें हैं। ये गलत आदतें धीरे धीरे इंसान का समय, पैसा, आत्मविश्वास और भविष्य सब कुछ बर्बाद कर देती हैं। अगर समय रहते इन्हें नहीं समझा जाए तो जीवन बर्बाद होते देर नहीं लगती। इस पोस्ट में आप ऐसी 7 बुरी आदतों के बारे में जानेंगे जो इंसान को बहुत कमजोर और असफल बना देती हैं। गरीब और असफल व्यक्ति (चित्र श्रोत Ai) खुद गलती करना फ़िर किस्मत या ईश्वर को दोष देना, यह बहुत गलत बात है। ईश्वर या यह प्रकृति कभी किसी के साथ भेद भाव नहीं करती। कभी कभी अज्ञान बस हम स्वयं अपने अंदर गलत आदतें बना लेते हैं जो हमें बर्बादी की तरफ ले कर चली जाती हैं और फिर हम अपनी किस्मत को कोसने लगते हैं। जीवन बर्बाद करने वाली 7 मुख्य आदतें 1. आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइया। पुराने लोग जब अपने से छोटों को खर्चे सीमित करने के लिए कहते थे तो ये दो मुहावरे बहुत फेमस थे। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपइया। उतने पैर पसारिए, जितनी लंबी सौर ...
Why Introverts are More Successful in Life
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कम बोलने वाले लोग ( इंट्रोवर्ट ) अक्सर जिंदगी में आगे क्यों निकल जाते हैं ? रतन टाटा, नारायण मूर्ति, सुंदर पिचाई, सचिन बंसल, एलन मस्क और बॉर्न वाफ़ेट यह सब वे लोग हैं जो बहुत कम बोलते हैं लेकिन सफलता की सीढ़ी पर सबसे ऊपर यही लोग हैं। Introverts यानि कम बोलने वाले लोग जीवन में अधिक सफल क्यों होते हैं ? क्या कम बोलने वाले लोग अधिक बुद्धिमान होते हैं ? आइए जानते हैं कम बोलने वाले लोग यानि introverts की असल कहानी और वे सीक्रेट्स जो ज्यादातर लोग नहीं जानते। Indian-introvert-people (Ai Image) Introvert लोग कौन होते हैं ? Introvert वे लोग होते हैं जो बाहरी दुनियां से कम मतलब रखते हैं। ये लोग कम बोलने वाले, शांत स्वभाव, विचार शील और अपने आंतरिक विचारों में मग्न रहने वाले होते हैं। ये लोग अंतर्मुखी होते हैं। Introvert के लक्षण ये लोग कम बोलने वाले होते हैं। इनकी सोच गहरी होती है। ये पहले पूरी बात सुनते हैं, सोचते हैं, समझते हैं फिर बोलते हैं। इन लोगों को एकांत प्रिय होता है। पढ़ना लिखना और सोचना इनको अच्छा लगता है। भीड़ भाड़ से ये दूर ही रहना पसंद करते हैं। इनके दोस्तों की ...